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Bhool Chuk Maaf Review: तगड़े लूप में फंसे राजकुमार राव, ब्याह को तरसे, लोटपोट कर देगी ‘भूल चूक माफ’

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Bhool Chuk Maaf Review: तगड़े लूप में फंसे राजकुमार राव..

Bhool Chuk Maaf Review In Hindi: काफी लंबे इंतज़ार और प्रचार के बाद राजकुमार कुमार और वामिका गब्बी की फ़िल्म ‘भूल चूक माफ़’ आखिरकार सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है। बनारस की पृष्ठभूमि पर बनी यह फिल्म रंजन और तितली की प्रेम कहानी है, जिसमें प्यार के साथ-साथ कॉमेडी, सामाजिक दबाव और भाग्य का दिलचस्प मेल दिखाई देता है।

प्यार, नौकरी और मन्नत का घालमेल

फिल्म की कहानी रंजन तिवारी (राजकुमार कुमार) और तितली मिश्रा (वामिका गब्बी) के इर्द-गिर्द घूमती है। रंजन एक आम नौजवान है जो सरकारी नौकरी और अपनी प्रेमिका तितली दोनों को पाना चाहता है। तितली के पिता मिश्रा जी (जाकिर हुसैन) को सिर्फ सरकारी नौकरी वाला दामाद चाहिए, और यही बनता है कहानी की जड़।

जब तितली के साथ भागने की कोशिश नाकाम होती है, मिश्रा जी रंजन के सामने शर्त रखते हैं दो महीने में नौकरी पा लो, वरना तितली की शादी में कुर्सियां लगाओ। इसके बाद रंजन भगवान भोलेनाथ से मन्नत मांगता है लेकिन मामला अजीब मोड़ ले लेता है। वो एक ही तारीख यानी 29 को बार-बार जीने लगता है, जैसे किसी टाइम लूप में फंस गया हो। अब सवाल ये है कि वो इस लूप से बाहर कैसे निकलेगा और क्या वाकई वो अपनी “भूल-चूक” की माफ़ी पा सकेगा?

राजकुमार की फिर से दमदार वापसी

राजकुमार कुमार ने रंजन तिवारी के किरदार को बेहतरीन ढंग से निभाया है। उनकी कॉमिक टाइमिंग, मासूमियत और असमंजस को उन्होंने बखूबी परदे पर उतारा है। वामिका गब्बी ने तितली के किरदार को बहुत ही सहजता से निभाया है बड़ी-बड़ी आंखों और चुलबुले अंदाज़ के साथ वो हर सीन में जान डालती हैं। दोनों की केमिस्ट्री सशक्त है।

सपोर्टिंग कास्ट की बात करें तो रघुबीर यादव, सीमा पाहवा, जाकिर हुसैन, इश्तियाक खान, संजय मिश्रा, विनीत कुमार जैसे अनुभवी कलाकारों ने फिल्म को मजबूती दी है।

डायरेक्शन और तकनीकी पक्ष

फिल्म के निर्देशक करण शर्मा ने कहानी को बड़े ही रोचक अंदाज़ में पेश किया है। संवाद और किरदारों की आपसी ट्यूनिंग फिल्म की जान हैं। बनारस की गलियों और वहां के लोगों का जो स्थानीय रंग दिखाया गया है, वो दर्शकों को बांधे रखता है।

हालांकि, फिल्म की एक कमजोरी इसके बार-बार आने वाले गाने हैं। कई बार लगता है कि गाने फिल्म की गति को धीमा कर देते हैं। 121 मिनट की यह फिल्म अगर थोड़ी और टाइट एडिट होती तो ज्यादा असरदार लगती।

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एक हल्की-फुल्की पारिवारिक मनोरंजन फिल्म

‘भूल चूक माफ़’ एक फुल-ऑन फैमिली एंटरटेनर है। इसमें रोमांस, कॉमेडी, इमोशन और सामाजिक यथार्थ का एक अच्छा मिश्रण है। फिल्म में कुछ खामियां ज़रूर हैं, लेकिन उन्हें नजरअंदाज़ कर दें तो यह मूवी आपको एंटरटेन करने में कामयाब होती है। अगर आप राजकुमार कुमार की परफॉर्मेंस के फैन हैं या हल्की-फुल्की कहानियां पसंद करते हैं, तो इस फिल्म को देख सकते हैं।

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